Kumar Bahukhandi

Kumar Bahukhandi

पत्रकारिता का दर्द— कुमार बहुखंडी

पत्रकारिता में दर्द भी है और मजा भी। फर्क सिर्फ इतना है कि मजा अक्सर दूसरों को दिखाई देता है और दर्द पत्रकार के हिस्से में आता है। किसी कार्यक्रम में पत्रकार को आगे की कुर्सी मिल गई, किसी बड़े…